आजकल के भागदौड़ भरे जीवन में बच्चे जंक फूड और पैकेज्ड स्नैक्स की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं, जिससे उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है और छोटी-छोटी मौसमी बीमारियां उन्हें बार-बार सताती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि घर की साधारण चीजों से ही बच्चों को साल भर हेल्दी और एनर्जी से भरपूर रखा जा सकता है? UNICEF और भारत सरकार के पोषण अभियान के अनुसार, 6 महीने के बाद मां के दूध के साथ पौष्टिक आहार शुरू करने से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। आइए जानते हैं वो खास डाइट टिप्स जो डॉक्टर्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स भी सलाह देते हैं – ये अपनाओगे तो बच्चे की प्लेट कभी खाली नहीं रहेगी!
1. रोजाना दूध और दूध प्रोडक्ट्स जरूर शामिल करें
दूध, दही, पनीर या छाछ – ये कैल्शियम और प्रोटीन का पावरहाउस हैं। UNICEF की गाइडलाइंस में कहा गया है कि 2 साल से ऊपर के बच्चों को रोज 500 ml दूध या उसके प्रोडक्ट्स देने से हड्डियां मजबूत होती हैं और ग्रोथ रुकती नहीं। सुबह नाश्ते में दूध के साथ केला या ओट्स मिलाकर दें – एनर्जी पूरे दिन बनी रहेगी!
2. हरी सब्जियां और मौसमी फल – इम्यूनिटी का कवच
पालक, मेथी, गोभी, गाजर, टमाटर और फल जैसे संतरा, सेब, केला, अमरूद रोज खिलाएं। NHM और WHO के अनुसार, विटामिन C और आयरन से भरपूर ये चीजें सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचाती हैं। सर्दियों में गाजर का हलवा या मौसमी का जूस – बच्चे खुद मांगेंगे!
3. अनाज और दालें – एनर्जी और प्रोटीन का डबल डोज
दलिया, खिचड़ी, रोटी, चावल के साथ मूंग, चना, उड़द की दाल। पोषण अभियान 2025 में जोर दिया गया है कि संतुलित थाली में आधा हिस्सा अनाज और दालों का हो। रागी की रोटी या बाजरे की खिचड़ी सर्दियों में बच्चों को गर्म रखती है और वजन बढ़ाती है।
4. ड्राई फ्रूट्स और बीज – दिमाग तेज करने का सीक्रेट
बादाम, अखरोट, किशमिश, खजूर, कद्दू के बीज रोज मुट्ठी भर दें। ये आयरन और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, जो याददाश्त बढ़ाते हैं और एनीमिया दूर रखते हैं। रात में दूध में खजूर उबालकर पिलाएं – नींद अच्छी आएगी और इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बनेगी।
5. अंडा, चिकन या पनीर – प्रोटीन का बूस्ट (नॉन-वेज अगर खाते हैं)
वेजिटेरियन हैं तो पनीर, सोया, छोले। प्रोटीन से मसल्स मजबूत होते हैं और बच्चे एक्टिव रहते हैं। ICMR गाइडलाइंस कहती हैं कि 5-10 साल के बच्चों को रोज 30-40 ग्राम प्रोटीन चाहिए।
6. घर का बना स्नैक्स – जंक को कहें बाय-बाय
चिप्स-कोल्डड्रिंक की जगह पोहा, उपमा, इडली, भेल या फ्रूट चाट। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और पेट लंबे समय तक भरा रखते हैं।
7. पानी और हाइड्रेशन – सबसे जरूरी
रोज 6-8 गिलास पानी, नारियल पानी या नींबू पानी। डिहाइड्रेशन से बच्चे सुस्त हो जाते हैं।ये टिप्स अपनाने से बच्चों का वजन बढ़ेगा, हाइट रुकेगी नहीं, पढ़ाई में मन लगेगा और बीमारियां दूर रहेंगी।


