मौसम बदलते ही सोशल मीडिया और X (पूर्व में ट्विटर) पर इम्यूनिटी बढ़ाने के हज़ारों दावे वायरल होने लगते हैं। हमने X पर चल रहे कई ट्रेंड्स और हेल्थ थ्रेड्स (Threads) का विश्लेषण किया। जहाँ कई लोग दावा कर रहे हैं कि रातों-रात इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है, वहीं मेडिकल साइंस और आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) के तथ्य कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।
वायरल दावों और सरकारी तथ्यों को खंगालने के बाद, हम आपके लिए वो ‘अचूक’ घरेलू उपाय लेकर आए हैं, जिनका असर आपको मात्र 48 घंटों में महसूस होने लगेगा। यह कोई जादू नहीं, बल्कि विशुद्ध विज्ञान है।
1. दादी-नानी का नुस्खा या सुपरफूड? (Golden Milk)
X पर कई वेरीफाइड डॉक्टर्स और आयुष मंत्रालय के पुराने ट्वीट्स भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि ‘हल्दी वाला दूध’ (Golden Milk) सबसे तेज़ असर करने वाला इम्यूनिटी बूस्टर है।
- तथ्य: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) शरीर की सूजन (Inflammation) को तुरंत कम करता है।
- कैसे लें: रात को सोने से पहले एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च (Piperine) मिलाएं। काली मिर्च हल्दी के अवशोषण को 2000% तक बढ़ा देती है, जिससे शरीर को इसका फायदा 2 दिन के भीतर महसूस होने लगता है।
विटामिन C का ‘ब्लास्ट’ (The Amla Effect)
इम्यून सिस्टम के लिए ‘व्हाइट ब्लड सेल्स’ (WBC) का एक्टिव होना जरुरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप आज से ही आंवला या नींबू का सेवन शुरू करते हैं, तो आपके सेल्स 24 से 48 घंटे में बेहतर रिस्पॉन्स देना शुरू कर देते हैं।
- उपाय: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू या एक ताज़ा आंवला खाएं। यह शरीर से टॉक्सिन्स को फ्लश करने का सबसे तेज़ तरीका है।
सबसे सस्ता और असरदार: 8 घंटे की ‘रिकवरी’
सोशल मीडिया पर काढ़े की रेसिपी तो बहुत हैं, लेकिन लोग उस एक चीज़ को भूल जाते हैं जो इम्यूनिटी को ‘रिबूट’ करती है – नींद।
- वैज्ञानिक सत्य: एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं, उनके बीमार पड़ने का खतरा 4 गुना ज्यादा होता है। अगर आप आज और कल, दो दिन लगातार 8-9 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, तो आपका इम्यून सिस्टम किसी भी दवाई से ज्यादा तेज़ी से रिकवर होगा।
नोट: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “2 घंटे में इम्यूनिटी” वाले दावों से बचें। इम्यूनिटी एक प्रक्रिया है। ऊपर बताए गए उपाय आपके शरीर को लड़ने के लिए तुरंत तैयार (Kickstart) करते हैं, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए निरंतरता जरुरी है। किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।


