लाइफस्टाइल डेस्क: अक्सर हम सेहत बनाने के लिए हजारों रुपये के सप्लिमेंट्स, कीवी (Kiwi) या ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) के पीछे भागते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घर के पास ठेले पर मिलने वाला एक साधारण सा फल, पोषक तत्वों में इन महंगे फलों का भी ‘बाप’ है? जी हां, सोशल मीडिया और हेल्थ एक्सपर्ट्स इन दिनों जिस फल की चर्चा कर रहे हैं, वह है- अमरूद (Guava)।
सर्दियों में धूप सेकते हुए नमक लगाकर अमरूद खाने का मज़ा तो आपने लिया होगा, लेकिन इसके गुण जानकर आप इसे रोजाना खाना शुरू कर देंगे। आइये जानते हैं फैक्ट्स के आधार पर कि आखिर क्यों इसे ‘सर्दियों का सुपरफूड’ कहा जा रहा है।
संतरे से 4 गुना ज्यादा विटामिन-C (Fact Check)
ज्यादातर लोग विटामिन-C के लिए संतरे या नींबू पर भरोसा करते हैं। लेकिन USDA (United States Department of Agriculture) के डेटा के मुताबिक, 100 ग्राम अमरूद में संतरे के मुकाबले लगभग 4 गुना ज्यादा विटामिन-C होता है। यह आपकी इम्यूनिटी (Immunity) को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए काफी है, जो आपको सर्दी-खांसी से बचाता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए ‘रामबाण’
सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व में Twitter) पर कई न्यूट्रिशनिस्ट इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है। इसका मतलब है कि इसे खाने से ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे वजन घटाने (Weight Loss) में भी मदद मिलती है।
सरकारी पहल: ‘वोकल फॉर लोकल’ और सही भोजन
हाल ही में FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) और ‘Eat Right India’ मुहीम के तहत भी मौसमी और स्थानीय फलों (Seasonal & Local Fruits) को खाने पर जोर दिया गया है। सरकारी संस्थाओं के सोशल मीडिया हैंडल अक्सर यह जानकारी साझा करते हैं कि विदेशी फलों की बजाय स्थानीय अमरूद और आंवला जैसे फल पोषण में कहीं आगे हैं।


