गर्मियां हों या मानसून, आलूबुखारा (Plum) एक ऐसा फल है जिसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद हर किसी को दीवाना बना देता है। सोशल मीडिया पर अक्सर आपने डाइटिशियंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स को इसके फायदे गिनाते हुए सुना होगा कि कैसे यह दिल और पाचन के लिए वरदान है। लेकिन, क्या आपको पता है कि यह ‘सेहत का खजाना’ अगर गलत तरीके या ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए, तो आपको अस्पताल के चक्कर भी लगवा सकता है?
पथरी (Kidney Stone) का बन सकता है कारण
यह पढ़कर आपको झटका लग सकता है, लेकिन यह सच है। कई नेफ्रोलॉजिस्ट (गुर्दा रोग विशेषज्ञ) और हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि आलूबुखारे में ऑक्सालेट (Oxalate) की मात्रा पाई जाती है। यदि आपको पहले से किडनी स्टोन की शिकायत है या आप स्टोन बनने की प्रवृत्ति रखते हैं, तो इसका ज्यादा सेवन आग में घी डालने जैसा है। यह शरीर में कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बना सकता है।
पेट की ‘सफाई’ या पेट की ‘तबाही’?
आलूबुखारे में सोर्बिटोल (Sorbitol) और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। वैसे तो यह कब्ज के लिए रामबान है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया है कि ज्यादा आलूबुखारे खाने से उन्हें गंभीर डायरिया (दस्त) और पेट में मरोड़ की समस्या हो गई। अगर आप एक बार में 4-5 से ज्यादा आलूबुखारे खाते हैं, तो आपका पेट खराब होना तय है।
एसिडिटी की समस्या
खट्टे फलों की श्रेणी में आने के कारण, जिन लोगों को एसिडिटी या गैस्ट्रिक की समस्या रहती है, उनके लिए यह फल मुसीबत बढ़ा सकता है। खाली पेट इसे खाने से सीने में जलन हो सकती है।
तो क्या आलूबुखारा खाना छोड़ दें?
बिल्कुल नहीं! डरिए मत, बस सावधान रहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलूबुखारे के जबरदस्त फायदे भी हैं:
- दिल का दोस्त: इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है।
- स्किन के लिए ग्लो: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी त्वचा को जवान रखते हैं।
- ब्लड शुगर: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए (सीमित मात्रा में) अच्छा है।


